Paavan Logo
Share on whatsapp
Share on facebook
Share on telegram
Share on linkedin
Share on twitter

Shiv Chalisa PDF in Hindi, Lyrics & Benefits

हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि त्रिदेव ही विश्व के रचयिता, संचालक और पालक हैं। इन तीन देवों में से एक भगवान शिव हैं। ऐसा कहा जाता है कि जो भक्त शिवजी की पूजा करता है उसको मृत्यु का भय भी नहीं सताता। और इन्ही का स्मरण करने के लिए श्री शिव चालीसा (Shri Shiv Chalisa) रची गयी थी। हर दिन शिव चालीसा पाठ करने के लिए नीचे दिया गया Shiv Chalisa PDF आपके काफी काम आएगा।

भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे आसान मंत्र है “ऊं नम: शिवाय”। इस मंत्र के साथ शिव चालीसा (Shri Shiv Chalisa) का भी उपयोग किया जाता है। शिव चालीसा हिन्दू धार्मिक पुस्तकों में भी वर्णित है।

Shri Shiv Chalisa Lyrics in Hindi (शिव चालीसा हिंदी में)

ऐसा कहा जाता है कि शिव चालीसा (shiv chalisa path) में लिखा हर श्लोक चमत्कारी प्रभाव वाले मंत्र की तरह पवित्र है। कई प्राचीन विद्वानों ने संकेत दिया है कि इस चालीसा में स्वास्थ्य, धन और समृद्धि लाने के लिए गुप्त शक्तियां हैं।

Click here 👉 Shiv Chalisa in Hindi PDF Download (शिव चालीसा लिखित में)

Shiv ji ki Chalisa in Hindi

शिव चालीसा का पाठ शुरू करने से पहले शिव जी को स्मरण करें, उसके बाद निम्नलिखित चालीसा को पढ़ें।

।। दोहा ।।

श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥

|| श्री शिव चालीसा चौपाई ||

जय गिरिजा पति दीन दयाला, सदा करत सन्तन प्रतिपाला।
भाल चन्द्रमा सोहत नीके, कानन कुण्डल नागफनी के॥

अंग गौर शिर गंग बहाये, मुण्डमाल तन छार लगाये।
वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे, छवि को देख नाग मुनि मोहे॥

मैना मातु की ह्वै दुलारी, बाम अंग सोहत छवि न्यारी।
कर त्रिशूल सोहत छवि भारी, करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे, सागर मध्य कमल हैं जैसे।
कार्तिक श्याम और गणराऊ, या छवि को कहि जात न काऊ॥

देवन जबहीं जाय पुकारा, तब ही दुख प्रभु आप निवारा।
किया उपद्रव तारक भारी, देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥

तुरत षडानन आप पठायउ, लवनिमेष महँ मारि गिरायउ।
आप जलंधर असुर संहारा, सुयश तुम्हार विदित संसारा॥

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई, सबहिं कृपा कर लीन बचाई।
किया तपहिं भागीरथ भारी, पुरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी॥

दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं, सेवक स्तुति करत सदाहीं।
वेद नाम महिमा तव गाई, अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥

प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला, जरे सुरासुर भये विहाला।
कीन्ह दया तहँ करी सहाई, नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥

पूजन रामचंद्र जब कीन्हा, जीत के लंक विभीषण दीन्हा।
सहस कमल में हो रहे धारी, कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥

एक कमल प्रभु राखेउ जोई, कमल नयन पूजन चहं सोई।
कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर, भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥

जय जय जय अनंत अविनाशी, करत कृपा सब के घटवासी।
दुष्ट सकल नित मोहि सतावै, भ्रमत रहे मोहि चैन न आवै॥

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो, यहि अवसर मोहि आन उबारो।
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो, संकट से मोहि आन उबारो॥

मातु पिता भ्राता सब कोई, संकट में पूछत नहिं कोई।
स्वामी एक है आस तुम्हारी, आय हरहु अब संकट भारी॥

धन निर्धन को देत सदाहीं, जो कोई जांचे वो फल पाहीं।
अस्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी, क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥

शंकर हो संकट के नाशन, मंगल कारण विघ्न विनाशन।
योगी यति मुनि ध्यान लगावैं, नारद शारद शीश नवावैं॥

नमो नमो जय नमो शिवाय, सुर ब्रह्मादिक पार न पाय।
जो यह पाठ करे मन लाई, ता पार होत है शम्भु सहाई॥

ॠनिया जो कोई हो अधिकारी, पाठ करे सो पावन हारी।
पुत्र हीन कर इच्छा कोई, निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥

पण्डित त्रयोदशी को लावे, ध्यान पूर्वक होम करावे ।
त्रयोदशी ब्रत करे हमेशा, तन नहीं ताके रहे कलेशा॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे, शंकर सम्मुख पाठ सुनावे।
जन्म जन्म के पाप नसावे, अन्तवास शिवपुर में पावे॥

कहे अयोध्या आस तुम्हारी।
जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥

॥दोहा॥

नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥


मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान।
अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥

Shiv Chalisa PDF Download

शिव चालीसा का पाठ हिंदी में डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करिये और हम अपने सारे पाठको को सलाह देंगे कि वे रोज़ का नियम बना लें कि प्रतिदिन शिव चालीसा पढ़ना है।

Click here 👉 Shiv Chalisa in Hindi PDF Download (शिव चालीसा लिखित में)

Paavan Dharmik App
Download Paavan Dharmik App

Benefits of Shri Shiv Chalisaa (शिव चालीसा के फायदे)

शिव चालीसा करने के बहुत से लाभ हैं, पर कुछ निम्नलिखित कुछ फायदे हैं जो भगवान शिव की महिमा को अपरम्पार बना देते हैं।

  1. प्रेग्नेंट महिलाओं को शिव चालीसा का जाप करना चाहिए। इस से उनके होने वाले बच्चे की रक्षा होती है और एक अच्छी डिलीवरी होती है।
  2. स्वस्थ सम्बंधित पीड़ाओं से निवारण पाने के लिए बच्चों और बड़ो दोनों को शिव चालीसा का जाप करना चाहिए।
  3. और सबसे प्रमुख लाभ है कि शिव जी की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख समृद्धि और विकास मिलता है।

मित्रों इसी के साथ हम अपने लेख के अंत पर आते हैं। हम आशा करते हैं कि आपको इस लेख से शिव चालीसा का pdf (Shiv Chalisa PDF) और शिव चालीसा के लिरिक्स (Shiv Chalisa in Hindi) की प्राप्ति हुई होगी। हम प्रार्थना करते हैं कि भगवान शिव कि कृपा हम सब पर बानी रहे।

ॐ नमः शिवाय।

आपको यह भी पसंद आएगा:

Shiv Tandav Stotram Lyrics (शिव तांडव स्तोत्रम) & Free PDF Download

ऐसे और जानकारी पाने के लिए हमारे समाचार पत्रिका को सब्सक्राइब करे

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें

Top Posts