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10 आवश्यक आयुर्वेदिक ज्ञान की प्राचीन पुस्तकें

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दोस्तों आयुर्वेद की महत्वता से हम सभी कम या ज़्यादा परिचित हैं। आयुर्वेद को हम जीवन के विज्ञान के रूप में जानते हैं। साधारण भाषा में बोला जाये तो अच्छा जीवन व्यतीत करने को ही आयुर्वेद बोलते हैं। प्राचीन काल में ऋषि मुनियों से लेकर आज के आधुनिक युग के लेखकों तक आयुर्वेद पर आधारित सैकड़ों किताबें लिखी जा चुकी हैं। आज हम इस लेख के ज़रिये आपको 10 महत्वपूर्ण और आवश्यक आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) से परिचित कराएँगे। तो आइये जानते हैं, कौनसी हैं ये आवश्यक आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi), जिन्हें हर किसी को एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए:

10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (Books on Ayurveda in Hindi)

1) अष्टांगहृदयम् (Ashtanghridayam)

books on ayurveda in hindi - Ashtanghridayam

  • अष्टांगहृदयम एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक ग्रन्थ है जिसके रचयिता महर्षि वाग्भट हैं। 
  • यह ग्रन्थ शल्य चिकित्सा और औषधि अर्थात मेडिसिन का अभूतपूर्व मिश्रण है। 
  • इसकी विशिष्टता की वजह से यह ग्रन्थ अत्यंत लोकप्रिय है। 
  • वाग्भट जी द्वारा इसकी रचना अनुमानतः 500 ई. पू. से 250 ई. पू. के मध्य की गई थी। 
  • अष्टांगहृदय की रचना पद्यों में की गई है। 
  • महर्षि ने अपने विवेक और अन्वेषण द्वारा विभिन्न प्रासंगिक विषयों को इस पुस्तक में समाहित किया है। 
  • इसको एक संग्रह ग्रन्थ का नाम दिया गया है, जिसमें अष्टांगसंग्रह, सुश्रुत, और चरक सहित अन्य प्राचीन और महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक ग्रंथों का उद्धरण किया गया है। 
  • अष्टाङ्गहृदयम् को सुश्रुत संहिता और चरक संहिता के साथ मिलाकर वृहत्त्रयी कहते हैं। 
  • लेखक श्री ने अपनी पुस्तक में शालाक्य, शल्यचिकित्सा, कायचिकित्सा सहित सभी आठ अंगों को वर्णित किया है। 
  • उन्होंने ग्रन्थ को वर्णित करते हुए कहा है कि यह किताब शरीर रूपी आयुर्वेद के हृदय के समान है। 
  • अष्टांगहृदय की संरचना इस प्रकार की गई है कि इसमें 6 खंड, 120 अध्याय, और 7120 श्लोक हैं। 
  • ग्रन्थ में  वर्णित 6 खंड इस प्रकार हैं: सूत्रस्थान (30 अध्याय), शारीरस्थान (6 अध्याय), निदानस्थान (16 अध्याय), चिकित्सास्थान (22 अध्याय), कल्पस्थान (6 अध्याय), और उत्तरस्थान (40 अध्याय)। 
  • सूत्रस्थान के 30 अध्यायों में द्रव्यगुण विज्ञान, ऋतुचर्या, और दिनचर्या का विस्तारपूर्वक वर्णन मिलता है। 
  • बाकी के 5 खंडों में समस्त रोगों के कारण, लक्षण, भेद, गर्भ के साथ-साथ शरीर से सम्बंधित समस्त विषयों का विस्तार में वर्णन मिलता है। 

ये थी हमारी 10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की लिस्ट में पहली किताब। आइए आगे पढ़ते हैं इस आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में दूसरे ग्रंथ के बारे में।

 

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2) चरक संहिता (Charak Sanhita)

books on ayurveda in hindi - Charak Sanhita

  • चरक संहिता संस्कृत भाषा में लिखित एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक ग्रन्थ है जो हमेशा से महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में टॉप 5 में रहती है।
  • यह आयुर्वेद के सिद्धांत का प्राचीनतम और सम्पूर्ण ग्रन्थ है, जिसकी रचना आचार्य चरक द्वारा की गई थी।
  • चरक संहिता में रोगों के कारण और उपचार के साथ-साथ दर्शन और अर्थशास्त्र की भी जानकारी दी गई है। 
  • चरक संहिता के रचना का निश्चित समय तो किसी को ज्ञात नहीं परंतु इसमें पालि के शब्द समाहित होने की वजह से इसके रचनाकाल को उपनिषदों के बाद और बुद्ध के पहले का माना जाता है। 
  • यह मूल्यवान ग्रंथ गद्य और पद्य दोनों में उपलब्ध है। 
  • इस किताब का विभाजन इस प्रकार किया गया है: 8 भाग और 120 अध्याय। 
  • चरक संहिता के आठ भाग या स्थान इस प्रकार हैं:
  • भाग  विवरण 
    सूत्रस्थान (General Principles)
    • चरक संहिता के पहले भाग अर्थात सूत्रस्थान में 30 अध्याय हैं। 
    • इसमें औषधि विज्ञान, शारीरिक और मानसिक रोगों, विशेष रोग, पथ्यापथ्य, और आहार से संबंधित रोगों के चिकित्सा की चर्चा की गई है। 
    निदानस्थान (Pathology)
    • इसमें 8 अध्याय हैं। 
    • आयुर्वेद के अनुसार निदान का अर्थ रोगों का कारण पता करने की क्रिया होता है।
    • चरक संहिता के इस खंड में मानव शरीर से सम्बंधित प्रमुख रोगों और उनके उपचार की जानकारी वर्णित की गई है। 
    विमानस्थान (Specific Determination)
    • इसमें 8 अध्याय हैं। 
    • आचार्य चरक के प्रसिद्ध ग्रन्थ के इस भाग में शरीर से भोजन के संबंध को दर्शाया गया है।
    • साथ ही स्वास्थ्यवर्धक भोजन की सम्पूर्ण जानकारी उल्लेखित की गई है। 
    शारीरस्थान (Anatomy)
    • इसमें 8 अध्याय हैं। 
    • चरक संहिता के इस भाग में मानव शरीर की रचना का विस्तार पूर्वक उल्लेख किया गया है। 
    • साथ ही माँ के गर्भ में भ्रूण के विकास से लेकर उसके जन्म तक की सम्पूर्ण प्रक्रिया का उल्लेख इस खंड में किया गया है। 
    इन्द्रिय स्थान (Sensory Organ Based Prognosis)
    • इस खंड में 12 अध्याय हैं। 
    • इसमें मूलतः रोगों की प्रकृति से लेकर उपचार तक का सम्पूर्ण वर्णन किया गया है। 
    चिकित्सास्थान (Therapeutics)
    • चिकित्सास्थानम के 30 अध्यायों में कुछ महत्वपूर्ण रोगों के वर्णन के साथ-साथ उनकी पहचान और उपचार की महत्वपूर्ण विधियां बताई गईं हैं। 
    कल्पस्थानम् (Pharmaceutics and Toxicology)
    • भाग 7 में 12 अध्याय हैं। यह चिकित्सा की दृष्टि से मेजर ऑपरेशन के बराबर स्थान रखता है। 
    सिद्धिस्ठानम (Success in Treatment)
    • आखिरी भाग सिद्धिस्ठानम के 12 अध्यायों में साधारण बीमारियों की जानकारी दी गई है। 
  • आचार्य चरक ने चरक संहिता में लिखा है कि किसी भी मनुष्य की सेहत और बीमारी पूर्वनिर्धारित नहीं होती है बल्कि हमारी जीवन पद्धति इसे निर्धारित करती है। जीवन पद्धति को सही और संतुलित रखकर मनुष्य आसानी से अच्छी सेहत प्राप्त कर सकता है। 

चरक संहिता आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में हमारी दूसरी किताब है। 

 

3) सुश्रुत संहिता (Sushruta Sanhita)

books on ayurveda in hindi - Sushruta Sanhita

  • चरक संहिता की ही तरह, सुश्रुत संहिता भी भारतीय आयुर्वेद का प्राचीनतम ग्रन्थ है। 
  • यह आयुर्वेद के तीन मूलभूत ग्रन्थों में से एक है, जिसकी रचना संस्कृत में की गई है। 
  • सुश्रुत संहिता में आयुर्वेद के साथ-साथ  शल्य चिकित्सा का भी उल्लेख मिलता है। 
  • इस ग्रन्थ की रचना धन्वंतरि और उनके शिष्य सुश्रुत द्वारा की गई थी। 
  • सुश्रुत संहिता में मानवीय आँतों में कैंसर रोग की वजह से पैदा होने वाले अलाभदायी ऊतकों को शल्य चिकित्सा के ज़रिये दूर करने का विवरण मिलता है। इसमें शिशु जन्म की विधियों को शल्य चिकित्सा के द्वारा समझाया गया है। 
  • किताब में शल्य क्रिया के लिए ज़रूरी साधनों और उपकरणों का भी वर्णन किया गया है। 
  • आठवीं शताब्दी में इस ग्रन्थ का ‘किताब-ए-सुश्रुत’ नाम से अरबी भाषा में अनुवाद किया गया था। 
  • इस किताब में कुल 184 अध्याय हैं। इन अध्यायों में 8 प्रकार की शल्य क्रिया, जन्तु-स्रोतों पर आधारित 57 प्रक्रियाओं, खनिज-स्रोतों पर आधारित 64 प्रक्रियाओं, 700 औषधीय पौधों, और 1120 रोगों का वर्णन मिलता है। 
  • साथ ही इस ग्रन्थ में 20 तरह की नाड़ियों, 28 तरह की शलाकाओं, 2 तरह के संडासों, और 24 तरह के स्वास्तिकों का वर्णन मिलता है। 
  • सुश्रुत संहिता में जिन आठ प्रकार के शल्य क्रियाओं का वर्णन है, वो इस प्रकार से हैं: छेद्य, भेद्य, लेख्य, वेध्य, ऐष्य, अहार्य, विश्रव्य, और सीव्य। 

आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की 10 आवश्यक सूची में सुश्रुत संहिता अगली किताब थी । जानते हैं, कौन सी है चौथी.. 

 

4) आयुर्वेद सार संग्रह (Ayurved Sar Sangrah)

books on ayurveda in hindi - Ayurved Sar Sangrah

  • आयुर्वेद सार संग्रह नामक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक ग्रन्थ का सम्पादन बैद्यनाथ द्वारा किया गया है। 
  • यह किताब सरल हिंदी भाषा में लिखी गई है। 
  • इस ग्रन्थ की महत्वता को इस बात से समझा जा सकता है कि भारत सरकार द्वारा नियुक्त आयुर्वेद फार्माकोपिया कमेटी ने इसकी गुणवत्ता को समझते हुए इसे आयुर्वेद फार्माकोपिया की सूची में सम्मिलित करने का फैसला लिया है।  
  • पुस्तक में आयुर्वेद की औषधियों के निर्माण, प्रयोग, और गुण धर्मों के बारे में विस्तारपूर्वक विवेचन किया गया है। 
  • किताब में रसायन शास्त्र एवं उसके कार्य के साथ-साथ यंत्रों की उपयोगिता का भी विवरण मिलता है। उनके उपयोग से किस प्रकार औषध-निर्माण की प्रक्रिया को किया जाता है, यह भी विवरण मिलता है। 
  • आयुर्वेद एवं यूनानी योगों के निर्माण और प्रधान गुणों की स्पष्ट व्याख्या कर रोगों में उसका किस प्रकार उपयोग किया जाता है, यह भी किताब में स्पष्टतः उल्लेखित है 
  • इन्हीं गुणों की वजह से यह ग्रंथ चिकित्सा जगत में अत्यधिक महत्व रखता है और चिकित्सक वर्ग के लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। 

आयुर्वेद सार संग्रह हमारी 10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की लिस्ट चौथी किताब है। आइए जानते हैं इस आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में कौन सी है पाँचवी किताब । 

 

5) आयुर्वेदिक कुकिंग फॉर सेल्फ हीलिंग (Ayurvedic Cooking for Self Healing)

books on ayurveda in hindi - Ayurvedic Cooking for Self Healing

  • आयुर्वेदिक कुकिंग फॉर सेल्फ हीलिंग, यह इंग्लिश में लिखित आयुर्वेद की एक प्रसिद्ध किताब है। 
  • 10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) में से इस महत्वपूर्ण पुस्तक के लेखक उषा लैड और वसंत दत्तात्रेय लैड हैं। 
  • इस किताब से ना सिर्फ आपको आयुर्वेद के अनुसार स्वादिष्ट व्यंजनों की 100 से अधिक रेसिपी मिलेगी बल्कि स्वस्थ शरीर का प्रोत्साहन भी मिलेगा। 
  • यह किताब भोजन और आहार के आयुर्वेदिक सिद्धांतों की जानकारी के साथ संतुलित आयुर्वेदिक व्यंजनों का एक संग्रह है। 
  • बुक में बताया गया है कि व्यक्ति के शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भोजन में किस प्रकार मसालों के साथ-साथ जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जा सकता है। 
  • इस पुस्तक के अध्यायों में यह बताया गया है कि किस तरह से अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य और पाचन का ध्यान रखते हुए भोजन का मेन्यू तैयार किया जा सकता है। 
  • इसमें सम्मिलित महत्वपूर्ण खंड इस प्रकार हैं:
    सामान्य सर्दी और त्वचा की समस्याओं से लेकर मधुमेह में रक्त शर्करा को स्थिर करने के उपाय। 
    सभी परिचित घरेलू जड़ी-बूटियों, फलों और सब्जियों का उपयोग करके लगभग 300 सरल उपचार। 
    आपके व्यक्तिगत संविधान को निर्धारित करने के लिए एक चार्ट; व्यापक खाद्य गाइडलाइन; और खाद्य पदार्थों के गुणों और दोषों एवं उनके प्रभावों की एक सूची।

महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में अगली किताब थी । आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की आवश्यक सूची में छठी किताब है औषध दर्शन, आइए जानते हैं इस प्रसिद्ध ग्रंथ के बारे में…

 

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6) औषध दर्शन (Aushadh Darshan)

books on ayurveda in hindi - Aushadh Darshan

  • आयुर्वेद की एक और महत्वपूर्ण किताब औषध दर्शन के लेखक बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण हैं। 
  • इस किताब में विभिन्न रोगों के लिए हर्बल उपचार दिए गए हैं। 
  • इसमें उन सप्लीमेंट्स का सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध है, जिन्हें आयुर्वेदिक सिद्धांतों का पालन करके बनाया जा सकता है। 
  • यह आयुर्वेदिक मूल सिद्धांतों के साथ-साथ उसकी वैज्ञानिकता को भी सरल भाषा में प्रस्तुत करता है। 
  • स्वास्थ्य सम्बन्धी तथ्यों को प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत करने वाला यह एक अद्वितीय ग्रन्थ है। 
  • इस किताब में 5 भाग या खंड हैं। 
  • पुस्तक में जिन सप्लीमेंट्स की सूची वर्णित है उसे दिव्य फार्मेसी द्वारा बनाया गया है।
  • औषध दर्शन किताब में स्वामी रामदेव जी द्वारा शाश्वत स्वास्थ्य और ख़ुशी की फिलोसॉफी का भी विवरण मिलता है। 
  • यह किताब हिंदी, इंग्लिश सहित कई देशी-विदेशी भाषाओं में लिखित पहला आयुर्वेदीय परम्पराओं युक्त विश्वस्तरीय ग्रन्थ है। 
  • लगभग 10 साल पहले इस किताब की रचना हुई थी और अब तक इसकी 6 मिलियन प्रतियां वितरित हो चुकी हैं। 

तो ये थी आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में छठी पुस्तक । अब जानते हैं लिस्ट में सातवी आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) के बारे में । 

 

7) आरोग्य मंजरी (Arogya Manjari)

books on ayurveda in hindi - Arogya Manjari

  • आरोग्य मंजरी आयुर्वेद विज्ञान के आधार पर लिखित महत्वपूर्ण किताबों में से एक है। 
  • इसके लेखक श्री वेद प्रकाश शास्त्री हैं। 
  • इस पुस्तक में अलग-अलग ऋतुओं के हिसाब से आयुर्वेद और चिकित्सा का बेहतरीन तरीके से उल्लेख मिलता है। 
  • किताब के माध्यम से आप विभिन्न ऋतुओं में होने वाली बीमारियों, लक्षण, कारण, और उनके उपायों से परिचित हो सकते हैं। 
  • इस पुस्तक के माध्यम से आप विभिन्न चिकित्सा प्रणालियों जैसे प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेदिक चिकित्सा, रोगजंतु शास्त्र, यज्ञ हवन चिकित्सा, और शल्य चिकित्सा का भी विस्तार पूर्वक पठन कर सकते हैं। 
  • पुस्तक के भाव कुछ इस प्रकार हैं: स्वस्थ और सुखी मनुष्य वही है, जिसके वात, पित्त, और कफ तीनों दोष समान हैं, इन्द्रियां और मन स्वस्थ हैं, मन और वाणी सहित शारीरिक और मानसिक क्रियाएं ठीक ठाक हैं, शरीर में रस, रक्त आदि धातुएं कम या ज़्यादा नहीं हैं, और पाचकाग्नि मंद या विषम नहीं हैं। 

आरोग्य मंजरी थी हमारी 10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में सातवी प्रसिद्ध किताब । आइए पढ़ते हैं आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) में अगली यानि आठवी महत्वपूर्ण किताब के बारे में..

 

8) आयुर्वेद एंड पंचकर्म (Ayurved and Panchkarma)

books on ayurveda in hindi - Ayurved and Panchkarma

  • आयुर्वेद एंड पंचकर्म किताब के लेखक डॉ सुनील वी.जोशी हैं। 
  • आयुर्वेद के बारे में बृहत् जानकारी देने वाली यह किताब इंग्लिश में लिखी गई है एवं उपलब्ध है। 
  • यह किताब आयुर्वेद के साथ-साथ पंचकर्म की भी सम्पूर्ण व्याख्या करता है। पंचकर्म आयुर्वेद का एक क्षेत्र है जो विषाक्त पदार्थों से शरीर को शुद्ध करके प्राकृतिक कानून के संतुलन बनाये रखने के लिए ज्ञान और प्रथाओं से साझा करवाता है। 
  • आयुर्वेद के मूल पाठ चरक संहिता में किस प्रकार सर्वप्रथम इस ज्ञान को प्रस्तुत किया था, यह हमें इस किताब  में देखने को मिलता है। 
  • किताब का पहला खंड उन सिद्धांतों की विस्तार में चर्चा करता है जो आयुर्वेद को जीवन और स्वास्थ्य के विज्ञान के रूप में परिभाषित करता है। 
  • किताब का दूसरा खंड आयुर्वेद से किस प्रकार इलाज किया जा सकता है इस पर विस्तार में चर्चा करता है। 
  • किताब में रोग निर्माण के छह चरणों की भी विस्तार में चर्चा की गई है। 
  • यह किताब पश्चिमी लोगों के आयुर्वेद को लेकर जो भी सवाल होते हैं, उसका सटीक जवाब है। 

10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की लिस्ट में आठवी किताब आयुर्वेद एण्ड पंचकर्म के बारे में पढ़कर आपको अच्छा लगा होगा । अब जानते हैं आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में कौन सी है अगली यानी नौवी किताब।

 

9) आयुर्वेदिक हीलिंग क्युज़िन (Ayurvedic Healing Cuisine)

books on ayurveda in hindi - Ayurvedic Healing Cuisine

  • आयुर्वेदिक क्युज़िन हीलिंग नामक प्रसिद्द आयुर्वेदिक किताब हरीश जोहारी द्वारा लिखी गई है। 
  • यह किताब इंग्लिश में लिखित है। 
  • यह किताब विभिन्न खाद्य पदार्थों और मसालों के उपचार एवं गुणों की व्याख्या करता है और शरीर और दिमाग की विशिष्ट स्थितियों के लिए उपयुक्त व्यंजनों को उल्लेखित करता है। 
  • हरीश जोहारी जी प्राचीन दिशानिर्देशों का पालन करते हुए किताब के माध्यम से आयुर्वेदिक खाने के सिद्धांतों का स्पष्ट परिचय देते हैं। 
  • इसमें स्वस्थ खाने के आयुर्वेदिक विज्ञान का विस्तारपूर्वक वर्णन मिलता है। 
  • इसमें स्वास्थ्य में सुधार और दीर्घायु के लिए 200 शाकाहारी व्यंजन मिलते हैं। 

10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की लिस्ट में अगली हमारी महत्वपूर्ण किताब थी आयुर्वेदिक क्युज़िन हीलिंग। आइए जानते हैं आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi)  की लिस्ट में आखरी किताब के बारे में । 

 

10) धन्वंतरि निघण्टु (Dhanvantari Nighantu)

books on ayurveda in hindi - Dhanvantari Nighantu

  • धन्वंतरि निघण्टु आयुर्वेदिक पद्धति पर आधारित एक महान किताब है, जो आवश्यक आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में सम्मिलित है। 
  • इसके लेखक डॉ अमृतपाल सिंह हैं। 
  • मूल आयुर्वेदिक ग्रंथों के पाठों का सार इस किताब में मिलता है। 
  • इसमें सभी स्पष्टीकरण और आयुर्वेदिक सूत्र बहुत ही सरल भाषा में दिए गए हैं जिन्हें आसानी से समझा जा सकता है।
  • भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के इतिहास में उत्कृष्ट व्यक्तित्व थे। वे आयुर्वेदिक विज्ञान के अग्रदूत एवं देवताओं के चिकित्सक थे। अन्य संहिता की तरह, आयुर्वेदिक चिकित्सा में भगवान धन्वंतरि द्वारा किए गए कार्य धन्वंतरि निघंटु में प्रलेखित हैं।
  • इसे अलग-अलग सात समूहों में विभाजित किया गया है
  • इसमें सात समूहों में वर्णित औषधीय पौधों पर समानार्थक शब्द, आयुर्वेदिक औषधि विज्ञान, और क्रिया और चिकित्सा विज्ञान के संबंध में चर्चा की गई है। 
  • धातुओं के अध्ययन के लिए इसमें एक पूरा अध्याय समर्पित किया गया है।

10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सूची में हमारी आखरी किताब धन्वंतरि निघंटु भी बहुत आवश्यक किताब है । यहाँ पर हमारी 10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) की सम्पूर्ण सूची पूरी होती है । 

तो दोस्तों हमने इस आर्टिकल में पढ़ा कि कोनसी 10 आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) हैं, जो हमारे जीवन के लिए लाभकारी हो सकती हैं। आशा है आपको हमारा यह आयुर्वेदिक पुस्तकें (books on ayurveda in hindi) पर लिखा हुआ लेख पसंद आया होगा।  

Frequently Asked Questions

Question 1: आयुर्वेद की सबसे पुरानी किताब कौन सी है ?

“चरक संहिता”, आयुर्वेद की सबसे पुरानी किताब है।

Question 2: आयुर्वेदिक औषधि के जनक ऋषि कौन हैं ?

आयुर्वेदिक औषधि की जनक भगवान धन्वंतरि हैं ।

Question 3: आयुर्वेद के तीन महान लेखक कौन थे?

आयुर्वेद के तीन महान लेखक: चरक, सुश्रुत, और वाग्भट्ट थे ।

Question 4: आयुर्वेद के प्रमुख चार ग्रंथ (books on ayurveda in hindi) कौन से हैं ?

चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, अष्टांगहरीदायम, और लघुत्रयी ।

 

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