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Das Mahavidya Mantra
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जानें 10 महाविद्या के बीज मंत्र जिनकी साधना कर सिद्धियाँ प्राप्त की जा सकती है

दस महाविद्या माँ पार्वती से उत्पन्न रूप है। जिनकी उत्पत्ति कल्याणकारी है। माँ के इन स्वरूपों की साधना करने से अपार शक्ति मिलती है। महाविद्या की साधना करने के लिए “दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” निर्मित किया गया है।

एक साधारण सा व्यक्ति भी 10 महाविद्या के बीज मंत्र की साधना करके सिद्धियां प्राप्त कर सकता है। इस लेख में हम आपको महाविद्या मंत्र (mahavidyas mantras) की जानकारी दे रहे है। चलिए जानते है “दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” विस्तार से।

Table of Contents

10 महाविद्या के बीज मंत्र व उसके लाभ (Das Mahavidya Mantra)

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” की साधना करने से शरीर स्वस्थ रहता है। माँ के बीज मंत्र में अद्भुत शक्ति होती है। माँ जिस पर प्रसन्न होती है उसे मनवांछित वर प्रदान करती है। इसलिए व्यक्ति इनके मंत्र का जाप कर माँ को प्रसन्न करता है। तांत्रिक लोग माँ की साधना कर तांत्रिक सिद्धियां प्राप्त करते है। “दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” निम्न है।

1) महाविद्या काली बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Kali

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में प्रथम महाविद्या माता काली पृथ्वी की रक्षक हैं, जिन्हें हिंदू धर्म में कालिका के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार काली शब्द संस्कृत शब्द कला से निर्मित है, जिसका अर्थ है समय। इसलिए देवी काली समय, शक्ति, परिवर्तन, संरक्षण, विनाश और सृजन का प्रतिनिधित्व करती हैं।

बीज मंत्र:

ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिका क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा।

बीज मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • दस महाविद्या मंत्र में माँ के इस बीज मंत्र का जाप करने से जप जातक को माता की परिवर्तनकारी ऊर्जाएं अपने आसपास और स्वयं के अंदर की बुरी ताकतों से लड़ने में सहायता करती हैं।
  • काली माता अभय प्रदान करने वाली देवी है। इसलिए इसके बीज मंत्र का जाप करने से जातक को अभयता प्राप्त होती है।
  • मंत्र जाप से आपकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है साथ ही आपके घर का वातावरण भी सकारात्मक हो जाता है।
  • महाविद्या मंत्र जप करने से जातक में आत्म्विश्वास की वृद्धि होती है।

 

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2) महाविद्या तारा बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Tara

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में दूसरी महाविद्या माँ तारा है। तारा का अर्थ होता है उद्धारकर्ता या रक्षक। इसका अन्य अर्थ चमकना भी है।

बीज मंत्र:

ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्।

बीज मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • जिन्हे शिक्षा और करियर में असफलता मिल रही है , उन्हें माता के इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • व्यवसाय में बाधाओं को दूर करने के लिए भी माता का मंत्र जाप करना फलदायी होता है।
  • दस महाविद्या मंत्र (dasa mahavidya mantra) में यह मंत्र मातृत्व भाव को जागृत करने के लिए भी फलदायी होता है।
  • आर्थिक रूप से मजबूत बनने के लिए भी आप देवी तारा के इस बीज मंत्र का जप कर सकते है। माता कामना पूर्ण करती है।

 

3) महाविद्या छिन्नमस्ता बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Chhinnamasta

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में तीसरी महाविद्या छिन्नमस्ता है। छिन्नमस्ता का शाब्दिक अर्थ है “जिसका सिर कटा हुआ है। दस महाविद्याओं में छिन्नमस्ता महाविद्या की सिद्धि एक उच्च कोटि की साधना है, जिसे करने वाला एक साधारण व्यक्ति भी तपस्वी बन सकता है।

बीज मंत्र:

श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा।

बीज मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • इनके मंत्र का जाप करने से समस्त विघ्नों का नाश होता है।
  • एक अच्छा तांत्रिक बनने के लिए माता के इस मंत्र का जाप करना बहुत ही आवश्यक होता है। इनकी कृपा के बिना आप एक सफल तांत्रिक नहीं बन सकते है।
  • आप एक आध्यात्मिक व्यक्ति हैं, तो छिन्नमस्ता देवी के मंत्र का जाप आपको आत्मज्ञान प्राप्त करने में मदद कर सकता है।
  • इस साधना को करने वाला व्यक्ति जीवन भर खुश रहता है।

 

4) महाविद्या त्रिपुर सुंदरी बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Shodashi

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में चौथी महाविद्या त्रिपुर सुंदरी माता है। त्रिपुर सुंदरी को देवी षोडशी नाम से भी जाना जाता है। जैसा कि नाम से पता चलता है कि देवी त्रिपुर सुंदरी तीनों लोकों में सबसे सुंदर हैं।

बीज मंत्र:

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः।

बीज मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • यदि किसी के विवाह में देरी हो रही है तो उसे माता के इस मंत्र का जाप करना चाहिए। माता विवाह में होने वाली देरी को दूर करने में सहायता प्रदान करती है।
  • मनचाहा जीवन साथी पाने के लिए भी इस मंत्र का जाप करना लाभकारी होता है।
  • संतान प्राप्ति के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • माता अशुभ प्रभावों और अशुभ शक्तियों को दूर करने में मदद करती है।

 

5) महाविद्या भुवनेश्वरी बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Bhuvaneshvari

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में पांचवी महाविद्या माता भुवनेश्वरी है। भुवनेश्वरी का अर्थ भवनों और संसार की देवी से है।

बीज मंत्र:

ह्नीं भुवनेश्वरीयै ह्नीं नम:।

मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • इस साधना को करने वाला साधक इंद्र के समान ही धनवान और शक्तिशाली हो जाता है।
  • जिस व्यक्ति की किस्मत में गरीब होना तय है, वह भी माता की साधना करके अमीर बन सकता है।
  • जो व्यक्ति माता की साधना करता है। माता उसे धन धान्य से संपन्न कर देती है।
  • यह मंत्र मकान, वाहन आदि की प्राप्ति हेतु आने वाली बाधाओं को दूर करने में सहायक होता है।

 

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6) महाविद्या भैरवी बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Bhairavi

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में महाविद्या में माता भैरवी छठी महाविद्या है। देवी भैरवी देवी माँ का भयानक रूप है।

बीज मंत्र:

ॐ ह्रीं भैरवी कलौं ह्रीं स्वाहा।

मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • माँ भैरवी की साधना, जीवन में सभी भौतिक सुख प्राप्त करने हेतु की जाती है।
  • जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए माँ की साधना करनी चाहिए।
  • शत्रुओं पर विजय पाने के लिए इस मंत्र का जाप कर सकते है।
  • यह मंत्र एक भक्त को भूत, अंधेरे, दुष्ट प्राणियों के डर को दूर करने में सहायता करता है।

 

7) महाविद्या धूमावती बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Dhumavati

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में देवी धूमावती दस महाविद्याओं में सातवीं हैं। धूमावती देवी को भयानक और बदसूरत रूप में दर्शाया गया है।

बीज मंत्र:

ऊँ धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा:।

मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • इनकी साधना करने से केतु ग्रह के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।
  • इनकी साधना से व्यक्ति को परम ज्ञान, वास्तविक सत्य के विषय में जागरूकता प्राप्त होती है।
  • माँ सभी परेशानियों का हरण करने वाली है इसलिए इनकी आराधना से व्यक्ति की परेशानियाँ दूर हो जाती है।
  • माँ का यह मंत्र काले जादू और नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा करता है।

 

8) महाविद्या बगलामुखी बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Bagalamukhi

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में महाविद्या में माता बगलामुखी आठवीं महाविद्या है। माँ बगलामुखी समस्त ब्रह्मांड की निर्माता, नियंत्रक और संहारक हैं।

बीज मंत्र:

ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै ह्लीं ॐ नमः।

मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • माँ का यह मंत्र समस्त दुखों को दूर करता है और निर्भयता, आत्मविश्वास और साहस प्रदान करता है।
  • इस मात्रा के द्वारा छात्र अच्छे अंक प्राप्त कर सकते है साथ ही पढ़ाई पर बेहतर ध्यान केंद्रित करने के लिए एकाग्र मन भी प्राप्त करते है।
  • मंत्र का जाप करने से घर में सुख समृद्धि आती है। साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
  • मन से शत्रुओं का भय दूर करने के लिए भी यह मंत्र लाभकारी है।

 

9) महाविद्या मातंगी बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Matangi

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में देवी मातंगी दस महाविद्या की नौवीं तांत्रिक देवी है। माता ज्ञान, भाषण, कला और संगीत को नियंत्रित करती है।

बीज मंत्र:

ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा।

मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • मातंगी देवी की आराधना करने से अलौकिक शक्तियां प्राप्त होती है जिससे आप अपने विरोधियों पर नियंत्रण प्राप्त कर सकते है।
  • मंत्र जाप से आप लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर सकते है।
  • व्यक्ति मंत्र जाप कर कला पर महारत हासिल कर सकता है।
  • माँ को प्रसन्न कर सर्वोच्च ज्ञान प्राप्त कर सकता है।

 

10) महाविद्या कमला बीज मंत्र

Das Mahavidya Mantra - Kamala

“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” में दस महाविद्याओं में कमला देवी दसवीं महाविद्या है। माँ के इस रूप को ज्ञान की देवी के रूप में भी जाना जाता है।

बीज मंत्र:

ॐ ह्रीं अष्ट महालक्ष्म्यै नमः।

मंत्र के चमत्कारिक फायदे:

  • इस मंत्र का जाप करने से जातक का घर खुशियों से भर जाता है।
  • यदि इस मंत्र का जाप करते है तो आपके जीवन से गरीबी दूर हो जाती है।
  • यह मंत्र चिंता और मानसिक रोगों से भी बचाव करता है।
  • इस मंत्र से व्यक्ति के ऊपर का कर्ज ख़त्म हो जाता है।

 

जानें दसों महाविद्या के भैरव, ग्रह तथा रुद्र और विष्णु अवतार (10 Mahavidya Or Unke Bhairav)

नंबर महाविद्या के नाम उनके भैरव ग्रह विष्णु अवतार
1 महाविद्या काली महाकाल शनि श्री कृष्ण
2 महाविद्या तारा अक्षोभ्य गुरु मत्स्य
3 महाविद्या छिन्नमस्ता कबंध राहू नृसिंह
4 महाविद्या त्रिपुर सुंदरी कामेश्वर बुध परशुराम
5 महाविद्या भुवनेश्वरी त्रयम्बक चंद्रमा वामन
6 महाविद्या भैरवी दक्षिणा मूर्ति बृहस्पति बलराम
7 महाविद्या धूमावती चूंकि यह रूप विधवा रूपिणी हैं, अत: शिव नहीं हैं केतु वराह
8 महाविद्या बगलामुखी मृत्युंजय मंगल कूर्म
9 महाविद्या मातंगी मातंग सूर्य श्रीराम
10 महाविद्या कमला विष्णु रूप शुक्र कल्कि

उपरोक्त लेख में आपने जाना “दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” के विषय में और उससे होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से। आशा है आपको इस लेख में ज्ञान प्राप्त हुआ होगा। माता के इन बीज मंत्र का जाप करे और इक्छित मनोकामना को प्राप्त करे। माता की आप सभी पर कृपा बनी रहे। स्वथ्य रहे खुश रहे। जय माता दी।

दस महाविद्या के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए आप हमारे लेख जानें दस महाविद्या के नाम और कैसे हुई उनकी उत्पत्ति पढ़ सकते है।

 

Frequently Asked Questions

Question 1“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” की साधना करना कब श्रेष्ठकारी होता है?
10 महाविद्या के बीज मंत्र की साधना गुप्त रूप से गुप्त नवरात्रों में करना अधिक लाभकारी होता है।

Question 2: “दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” की साधना करने से क्या लाभ प्राप्त होता है?
“दस महाविद्या मंत्र (Das Mahavidya Mantra)” की साधना करने से शरीर के रोगों से मुक्ति मिलती है साथ ही मनवांछित कामना पूर्ति होती है। व्यक्ति धन धान्य से संपन्न रहता है।

 

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